Skip to product information
1 of 4

अभिमंत्रित एक मुखी रुद्राक्ष The Divine One Mukhi Rudraksha For success in career and Business

अभिमंत्रित एक मुखी रुद्राक्ष The Divine One Mukhi Rudraksha For success in career and Business

Regular price Rs. 932.00
Regular price Rs. 2,450.00 Sale price Rs. 932.00
Sale Sold out
Shipping calculated at checkout.

एक मुखी रुद्राक्ष के लाभ - One Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi

एक मुखी रुद्राक्ष (One Mukhi Rudraksha) को रुद्राक्षों का राजा माना जाता है। यह अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली होता है और भगवान शिव के आशीर्वाद का प्रतीक है। इसे धारण करने से कई अद्भुत लाभ होते हैं, जो शारीरिक, मानसिक, और आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होते हैं। यहाँ एक मुखी रुद्राक्ष के प्रमुख लाभ दिए गए हैं:

1. मानसिक शांति और संतुलन:

  • तनाव और चिंता में कमी: इसे धारण करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और तनाव एवं चिंता में कमी आती है। 😌🌿
  • मनोवैज्ञानिक संतुलन: यह मनोवैज्ञानिक संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे मानसिक स्थिरता बढ़ती है। 🧠⚖️

2. स्वास्थ्य लाभ:

  • हृदय स्वास्थ्य: एक मुखी रुद्राक्ष हृदय को स्वस्थ रखता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है। ❤️🩺
  • नर्वस सिस्टम: यह तंत्रिका तंत्र को मजबूत करता है और मानसिक विकारों को दूर करने में सहायक होता है। 🌿🔋

3. आत्मविश्वास और साहस:

  • आत्मविश्वास में वृद्धि: इसे धारण करने से आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है, जिससे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकता है। 💪😌
  • नकारात्मक विचारों से मुक्ति: यह नकारात्मक विचारों और भावनाओं को दूर करता है, जिससे सकारात्मकता और खुशी बढ़ती है। 🌈🧘‍♂️

4. आर्थिक समृद्धि:

  • धन और संपत्ति: एक मुखी रुद्राक्ष आर्थिक समृद्धि और वित्तीय स्थिरता को आकर्षित करता है। 💰🌟
  • व्यापार में सफलता: यह व्यापार और करियर में सफलता दिलाने में मदद करता है। 🚀📈

5. कर्म और भाग्य:

  • कर्मों का शुद्धिकरण: इसे धारण करने से पिछले जन्मों के कर्मों का शुद्धिकरण होता है और भाग्य में सुधार होता है। 🔄🌿
  • सौभाग्य और समृद्धि: यह जीवन में सौभाग्य और समृद्धि को आकर्षित करता है। 🍀✨

एकमुखी रुद्राक्ष बहुत ही शक्तिशाली और दुर्लभ होता हैं। एक मुखी रुद्राक्ष का स्वामी सूर्य ग्रह होता है। एकमुखी रुद्राक्ष साक्षात शिव स्वरुप ही है। यदि कुंडली में सूर्य कमजोर हो अथवा अस्त हो तो एकमुखी रुद्राक्ष को धारण करना लाभदायक होता है। कई बार सूर्य कुंडली में शुभ होने के बावजूद भी व्यक्ति को शुभ फल नहीं मिल पातें, ऐसे समय में वैदिक ज्योतिष के अनुसार एकमुखी रुद्राक्ष को धारण करनेवाले व्यक्ति के अंदर उर्जा, शक्ति और नेतृत्व क्षमता का निर्माण होता है। विशेष रूप से जन्म कुंडली में सूर्य के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए यह रुद्राक्ष पहना जाता

एकमुखी रुद्राक्ष और भगवान शिव का संबंध

एकमुखी रुद्राक्ष का आकार ओंकार होता हैं, इसमें साक्षात भगवान शिव का वास होता हैं। एकमुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाला व्यक्ति स्वयं को भगवान शिव से जुड़ा हुआ पाता है। मान्यता हैं कि एक मुखी रुद्राक्ष धारण करने से भगवान शिव की शक्तियां प्राप्त होती हैं। शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव की आँखों से गिरा प्रथम आंसू ही एकमुखी रुद्राक्ष है। रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रिय तथा शिव भक्तों का आराध्य दिव्य वृक्ष हैं। इस रुद्राक्ष को दिव्य और अलौकिक माना जाता हैं। इसे धारण करने से शिव का आशीर्वाद सदा मिलता रहता हैं, मनुष्य को काल का भी भय नहीं रहता। एकमुखी रुद्राक्ष की माला को सभी मालाओं में श्रेष्ठ माना जाता हैं। शिव की असीम कृपा इस रुद्राक्ष में होने के कारण व्यक्ति का काल भी कुछ बिगाड़ नहीं पाता और यह रुद्राक्ष अनेक प्रकार के रोगों से व्यक्ति का बचाव करता हैं।

एकमुखी रुद्राक्ष कौन धारण कर सकता हैं?

यदि कुंडली में सूर्य कमजोर हो अथवा अस्त हो तो एकमुखी रुद्राक्ष को धारण करना लाभदायक होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार एक मुखी रुद्राक्ष का स्वामी सूर्य है। इसी कारण एकमुखी रुद्राक्ष को धारण करनेवाले व्यक्ति के अंदर उर्जा, शक्ति और नेतृत्व क्षमता का निर्माण होता है।

एकमुखी रुद्राक्ष के लाभ

  • एकमुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से धारणकर्ता को कामकाज में बढ़िया धन लाभ होता है तथा मान-सम्मान के साथ साथ उसकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है।
  • इसे धारण करने के बाद व्यक्ति का भाग्योदय होता है। समाज में प्रसिद्धि मिलती है।
  • अगर किसी जातक की कुंडली में किसी क्रूर ग्रह की दशा या अन्तर्दशा चल रही है तो भी एकमुखी रुद्राक्ष को पहनना उचित होता है।
  • इसके धारण करने से जातक चिंतामुक्त और साहसी, निडर हो जाता है। शत्रु भय से मुक्त हो जाता है।
  • एकमुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के जीवन के अन्धकार को दूर कर उसमे प्रकाश भरता है।
  • एकमुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से धारणकर्ता को कामकाज में बढ़िया धन लाभ होता है तथा मान-सम्मान के साथ साथ उसकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है।
  • एकमुखी रुद्राक्ष में दैवीय शक्ति समाहित है जिसका लाभ मनुष्य को मिलता है, इसलिए बिना संकोच किये इस रुद्राक्ष को अवश्य धारण करना चाहिए।

एकमुखी रुद्राक्ष धारण करने के नियम तथा विधि

  • एकमुखी रुद्राक्ष धारण करनेवाला व्यक्ति सदाचार का पालन करनेवाला होना चाहिए।
  • एकमुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति की भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था होनी चाहिए।
  • मांस-मदीरा या अन्य नशे की वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
  • रविवार, सोमवार अथवा शिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है।
  • रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें।
  • प्रातःकाल में सूर्य को ताम्बे के लोटे से जल चढ़ाएँ।
  • रुद्राक्ष को जागृत करने के लिए“ॐ ह्रीं नमः” मंत्र का उच्‍चारण 108 बार करें।

हमसे क्यों लें

एकमुखी रुद्राक्ष को हमारे अनुभवी और विद्वान ज्योतिषाचार्यों द्वारा विधिपूर्वक अभिमंत्रित करने के बाद ही आपके पास भेजा जाएगा, ऐसा करने से आपको इस रुद्राक्ष के शुभ फल शीघ्र ही मिलते है। इस रुद्राक्ष के साथ आपको एक गारंटी सर्टिफिकेट भी दिया जाता है।

हैं। गोलाकार और अर्ध चन्द्र जैसा दिखने वाला एकमुखी रुद्राक्ष बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस रुद्राक्ष को सबसे अधिक कल्याणकारी और महत्वपूर्ण माना गया है। एकमुखी रुद्राक्ष शक्ति, ऊर्जा, सत्य और मोक्ष का प्रबल स्रोत माना जाता है। यह रुद्राक्ष अत्यंत दुर्लभ है तथा इस रुद्राक्ष में साक्षात शिव भगवान निवास करते है।






View full details